मुंजिया हॉरर मैं और कॉमेडी से मिलकर बनी एक फिल्म है इसके निर्देशक आदित्य सरपोतदार जी है इनकी फिल्म की सबसे बड़ी खूबी यहीं रहती है की उनका CGI यानी (कंप्यूटर जनरेटेड इमेजेरी) जो इस फिल्म में  मुंज्या है , जो पूरी फिल्म में एक किरदार की तरह छाया रहता है।एनिमेशन , विजुअल इफेक्ट्स और  ग्राफिक्स से तैयार किया गई है यह किरदार दर्शक के मन में शुरू से ही एक खौफ पैदा कर देता है और जैसे -जैसे कहानी आगे बढ़ती जाती है, वैसे ही दर्शकों के मन में इसका खौफ भी बढ़ता चला जाता है।  हालांकि, हॉरर के साथ कॉमिडी का तड़का मजा देता है, मगर भूत भगाने वाले गुरु (सत्यराज) द्वारा आत्माओं की अदला-बदली सीन को देखने में दर्शकों को मजा आता है इसमें हॉरर कॉमेडी दोनो का तड़का मौजुद  है या फिर दर्शकों को डराने में कम हंसने में ज्यादा सफल रही अगर आप फिल्म देखने जा रहे हैं तो पहले इसका रिव्यू जरूर देख लें 




फिल्म समीक्षा 

निर्देशक : आदित्य सरपोतदार

पटकथा : निरेन भट्ट

कहानी : योगेश चांदेकर

द्वारा उत्पादित : दिनेश विजन
                      अमर कौशिक
अभिनीत : शर्वरी
               अभय वर्मा
               सत्यराज
               मोना सिंह

छायांकन : सौरभ गोस्वामी
द्वारा संपादित : मोनिशा आर. बलदावा
संगीत : सचिन-जिगर (गीत)
          जस्टिन वर्गीस (स्कोर)

रिलीज़ की तारीख : 7 जून 2024
कार्यकारी समय : 123 मिनट [ 1 ]
देश : भारत
भाषा : हिन्दी
बजट : ₹30 करोड़ [ 2 ]
बॉक्स ऑफ़िस : ₹132.13 करोड़ [ 3 ]


कहानी क्या है ?


ये कहानी एक लड़के की है जो अपने से 7 साल बड़ी लड़की से बे इंतेहा प्यार करता है और उसको पाने के लिए कुछ भी करने को तैयार है उसके मां-बाप उसे मन करते हैं और उसका मुंडन करा देते हैं ब्राह्मण के लोक कथा के अनुसर अगर किसी व्यक्ति का मुंडन के 10 दिन पुरे होने से पहले अगर उसकी मृत्यु हो जाती है तो वाह ब्रह्मराक्षस का रूप ले लेता है ऐसा ही कुछ मुंजा के साथ होता है वह मुन्ने को पाने के लिए काले  जादू का सहारा लेता है और जादू के लिए चेतक वाणी चला जाता है और इसी प्रक्रिया में उसकी मृत्यु हो जाती है मुंडन के 10 दिन शुद्ध होने से पहले ही उसकी मृत्यु हो जाती है इसलिए वह ब्रह्मराक्षस का रूप ले लेता है  ब्रह्मराक्षस बनने के बाद भी उसका एक ही मकसद था





 'मुन्नी से लगिन' वाह अपने इस सपने को पूरा करने के लिए 70 साल बाद अपने ही परिवार के एक लड़के जिसका नाम बिट्टू था उसे दारा धमा के मुन्नी को ढूंढने के लिए कहता था बिट्टू मुंजिया से पिचा छुड़ाने के लिए एक जादूगर के पास जाता है वहां जादूगर और कोई नहीं अपने कटप्पा मामा है क्या कटप्पा मामा मुंजा को मार पाएंगे? बेला कौन है क्या बिट्टू उसको चाहता है?क्या मुंजा बिट्टू का पिचा छोड़ता है बिट्टू को मुन्नी मिलती है?क्या मुंजा का मुन्नी से लगन हो पता है?बिट्टू मुंजा से कैसे छुटकारा पाता है?हां सभी प्रश्न आपकी भी दिमाग में आ रहे होंगे ए रहे हैं तो इन्हें सभी प्रश्नों के उत्तर नीचे दिए गए हैं इन्हें पढ़ना ना भूलें और हां फिल्म देखना तो बिल्कुल ना भूले|


क्या कटप्पा मामा मुंजा को मार पाएंगे? 




जब बिट्टू मुंजा से बहुत तंग आ जाता है तो वहां उसे छुटकारा पाने के लिए एक जादूगर तांत्रिक के पास जाता है वाह मन्ज़ा के बारे में पहले से ही बहुत कुछ उसको पता होता है और वाह उसे बचने का उपाय भी बताता है मगर कहता है यह उपाय बहुत ही कठिन है अगर उपाय नहीं होता तो पिक्चर कैसे चलती |कटप्पा मामा मुंजा को मरने का क्या उपाय बताते हैं?क्या इनका यह उपाय काम करता है?क्या कटप्पा मामा मुंजा को मरने में सफल हो जाते हैं?इन सभी प्रश्नों को जानने के लिए फिल्म जरूर देखें |



बेला कौन है क्या बिट्टू उसको चाहता है?



बेला फिल्म की हीरोइन है जो बिट्टू की कॉलेज फ्रेंड है बिट्टू बेला को बहुत चाहता है लेकिन बोलने से बहुत डरता है क्या बिट्टू बेला को अपने दिल की बात बता पता है?क्या बेला उसके प्यार को समझ पाती है?यह प्रश्न के उत्तर को जानने के लिए आप फिल्म जरूर देखें |



बिट्टू मुंजा से कैसे छुटकारा पाता है?



हां फिल्म यहां से और भी ज्यादा दिलचस्प हो रही है बिट्टू मांजिया से छुटकारा पाने के लिए कटप्पा मामा के पास जाता है और कटप्पा मामा उसको एक तारिका बताते हैं कैसा है अगर मांजा की आत्मा किसी बकरी के अंदर आ जाए और बकरी को मार दिया जाए इससे मुझे अभी मर जाएगा | ऐसी कौन सी चीज कटप्पा मामा बताता है जिसे बिट्टू बच जाता है क्या बिट्टू उसे तारिके को सही से कर पाता है यह देखने के लिए आप पूरी फिल्म जरूर देखें |





रेटिंग     :   4.4 / 5